चार विकास खंडों के बीडीओ के साथ उपायुक्त अनुपम कश्यप ने की समीक्षा, पात्र लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के निर्देश
रियल न्यूज इंडिया टुडे, शिमला

उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने जिले के चार विकास खंडों मशोबरा, जुब्बल, नारकंडा और बसंतपुर में चल रहे विकासात्मक कार्यों की समीक्षा की। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित बैठक में उन्होंने खंड विकास अधिकारियों को ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देने और उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी एवं समन्वित उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उपायुक्त ने कहा कि जिला के समग्र विकास के लिए सुदृढ़ कार्य-तंत्र तैयार किया गया है। सांसद निधि, विधायक निधि सहित विभिन्न सरकारी एवं प्रतिस्पर्धात्मक योजनाओं के तहत उपलब्ध वित्तीय संसाधनों का प्रभावी इस्तेमाल किया जाना चाहिए। इसके अलावा विभागीय बजट के माध्यम से स्कूलों, अस्पतालों तथा अन्य आधारभूत सुविधाओं से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास को गति देने के लिए पंचायत स्तर पर योजनाबद्ध तरीके से कार्य करना जरूरी है। हाल ही में निर्वाचित पंचायती राज संस्थाओं के जनप्रतिनिधियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि उन्हें सरकारी योजनाओं और विकास कार्यक्रमों की जानकारी मिल सके।
पात्र लोगों को योजनाओं से जोड़ने पर जोर
अनुपम कश्यप ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक गांव में पात्र लोगों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में कई लोगों को योजनाओं, पात्रता और उपलब्ध सुविधाओं की पर्याप्त जानकारी नहीं होती। पंचायत स्तर पर जागरूकता बढ़ाकर लोगों को योजनाओं से जोड़ा जाए, ताकि उन्हें सरकारी कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें।
उन्होंने कहा कि प्रथम चरण में चार विकास खंडों की समीक्षा की गई है। आगामी चरण में अन्य अधिकारियों के साथ भी बैठकें आयोजित की जाएंगी। जिला प्रशासन का लक्ष्य प्रत्येक पंचायत को उसकी स्थानीय आवश्यकताओं और प्राथमिकताओं के अनुरूप आदर्श पंचायत के रूप में विकसित करना है।
‘अपना परिवार सुखी परिवार’ के लिए पात्रों की पहचान
उपायुक्त ने ‘मुख्यमंत्री अपना परिवार सुखी परिवार योजना’ के लिए पात्र लोगों की पहचान करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि यह सामाजिक सुरक्षा पहल 2 अक्टूबर, 2026 को प्रदेश में आधिकारिक रूप से शुरू की जाएगी। अधिकारियों को पात्र परिवारों को योजना से जोड़ने के लिए प्रभावी कदम उठाने को कहा गया।
लापरवाही पर होगी नियमानुसार कार्रवाई
उपायुक्त ने कहा कि सक्षम और समर्पित टीम उपलब्ध होने के बावजूद यदि जिला कुछ विकासात्मक मानकों पर अपेक्षित स्थिति में नहीं है, तो यह गंभीर चिंतन का विषय है। उन्होंने विभागों को प्रदर्शन में व्यापक सुधार लाने के निर्देश दिए। स्पष्ट किया कि कार्य में लापरवाही या कोताही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का लक्ष्य योजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन और विकास कार्यों को परिणामोन्मुख बनाकर लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है।
बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त सचिन शर्मा, जिला पंचायत अधिकारी विनय रुड़की सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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