सुख शिक्षा योजना के 50-50 मेधावी विद्यार्थियों को विदेश भेजने की तैयारी, सुख-आश्रय ग्राम का काम मई 2027 तक पूरा करने के निर्देश
रियल न्यूज इंडिया टुडे, शिमला
शिमला। प्रदेश सरकार ने विधवाओं और एकल महिलाओं के बच्चों के लिए इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना का दायरा बढ़ाने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने योजना के तहत 19 से 27 वर्ष की आयु के बच्चों को भी 1,000 रुपये प्रतिमाह पॉकेट मनी देने के निर्देश दिए हैं। अभी 18 वर्ष तक के बच्चों को यह सहायता मिल रही है।
मुख्यमंत्री ने सोमवार को महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए सभी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने विभाग की योजनाओं के लिए एकीकृत पोर्टल विकसित करने को कहा, ताकि पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ लेने में परेशानी न हो।
सरकार वर्तमान में सुख शिक्षा योजना के तहत 21,292 लाभार्थियों को लाभ दे रही है और वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 40.29 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। योजना के तहत विधवा एवं एकल महिलाओं के बच्चों की उच्च शिक्षा का पूरा खर्च सरकार वहन कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्थिक संसाधनों की कमी के कारण कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को सुख शिक्षा योजना के लाभार्थियों और चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट के 50-50 मेधावी विद्यार्थियों को विदेश में एक्सपोजर विजिट पर भेजने की तैयारी करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में प्रस्तावित इंदिरा गांधी मातृ शिशु संकल्प योजना की भी समीक्षा की गई। इसके तहत प्रदेश के 11 जिलों में पौष्टिक आहार उपलब्ध करवाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने नौ बाल देखभाल केंद्रों/संस्थानों के निर्माण के लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध करवाने का आश्वासन दिया।
उन्होंने कांगड़ा के लुथान में निर्माणाधीन मुख्यमंत्री सुख-आश्रय ग्राम परिसर के कार्य में तेजी लाने और इसे मई 2027 तक पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के संसाधनों और समृद्धि में वंचित वर्गों की भी बराबर भागीदारी सुनिश्चित की जानी चाहिए।

