पशु रोगों के त्वरित निदान पर पशु चिकित्सा अधिकारियों को मिला विशेष प्रशिक्षण
पालमपुर, 7 अगस्त। चौधरी सरवण कुमार हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय (सीएसके एचपीकेवी), पालमपुर के पशु चिकित्सा विभाग ने हिमाचल प्रदेश पशुपालन विभाग के पशु चिकित्सा अधिकारियों के लिए चार दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम का उद्देश्य अधिकारियों को पशु रोगों के त्वरित, सटीक एवं वैज्ञानिक निदान के लिए आधुनिक क्लिनिकल तकनीकों एवं उपकरणों का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करना था।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए डॉ. जी.सी. नेगी पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. पंकज सूद ने कहा कि पशुधन के बेहतर स्वास्थ्य प्रबंधन के लिए रोगों का समय पर और सही निदान बेहद आवश्यक है। उन्होंने कहा कि आधुनिक नैदानिक तकनीकों के उपयोग से उपचार अधिक प्रभावी होने के साथ रोगों की निगरानी और नियंत्रण भी बेहतर होगा।
विशिष्ट अतिथि एवं पशुपालन विभाग शिमला के उपनिदेशक डॉ. संदीप मिश्रा ने प्रतिभागियों से प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त ज्ञान का उपयोग ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर पशु चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने में करने का आह्वान किया। विभागाध्यक्ष डॉ. आदर्श ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञ व्याख्यान, आधुनिक नैदानिक उपकरणों का प्रदर्शन, व्यावहारिक अभ्यास और संवादात्मक तकनीकी सत्र आयोजित किए गए।
उन्होंने बताया कि इसी वर्ष पशु औषधि सहायकों के लिए भी दो विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं। “पशु चिकित्सा में त्वरित निदान हेतु आधुनिक नैदानिक उपकरणों के उपयोग” विषय पर आयोजित तीन चरणों के प्रशिक्षण में प्रदेश के सभी 12 जिलों से 34 पशु चिकित्सा अधिकारियों ने भाग लिया। प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण की उपयोगिता की सराहना करते हुए इसे पशु स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।