अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस पर राज्य स्तरीय कार्यक्रम, एचआईवी जागरूकता अभियान के तीसरे चरण का शुभारंभ
रियल न्यूज इंडिया टुडे, शिमला
अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर स्वास्थ्य विभाग एवं हिमाचल प्रदेश राज्य एड्स नियंत्रण समिति की ओर से होटल पीटरहॉफ में राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा सैनिक कल्याण मंत्री डॉ. धनीराम शांडिल ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत करते हुए युवाओं से नशे और एचआईवी के खिलाफ सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
एचआईवी नियंत्रण में हिमाचल की उपलब्धि
डॉ. शांडिल ने कहा कि एचआईवी-एड्स के खिलाफ हिमाचल में प्रभावी काम हो रहा है। देश के सुरक्षित 15 जिलों में प्रदेश के किन्नौर, लाहौल-स्पीति और सोलन शामिल हैं, जबकि तीन अन्य जिले सक्षम श्रेणी में पहुंच चुके हैं। उन्होंने कहा कि यूएनएड्स के 95%-95%-95% लक्ष्य को हासिल करने में हिमाचल देश में अग्रणी है।

नशा बना युवाओं के सामने बड़ी चुनौती
मंत्री ने कहा कि आज युवा शक्ति के सामने नशा सबसे बड़ी चुनौती बनकर उभरा है। नशे की चपेट में आने से एचआईवी संक्रमण का खतरा भी बढ़ रहा है। प्रदेश में 17 ओपिओइड सब्स्टीट्यूशन थेरेपी केंद्र संचालित हैं, जहां 1023 मरीज उपचाराधीन हैं। वहीं 294 इंजेक्शन ड्रग यूजर को अस्पतालों के मनोरोग विभागों से जोड़कर उपचार दिया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि 1000 आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से पांच जिलों के 2440 गांवों और 2.86 लाख परिवारों तक एचआईवी जागरूकता संदेश पहुंचाया गया है। ‘एचआईवी मुक्त हिमाचल’ अभियान के तहत अब तक करीब 25 लाख लोगों को जोड़ा जा चुका है।

19 फीसदी मामले सुई साझा करने से
हिमाचल प्रदेश राज्य एड्स नियंत्रण समिति के परियोजना निदेशक राजीव कुमार ने बताया कि वर्ष 2025-26 में प्रदेश में दर्ज एचआईवी मामलों में 19 फीसदी मामले सुई साझा करने के कारण सामने आए। उन्होंने कहा कि जागरूकता अभियानों के चलते लोग अब एचआईवी जांच के लिए आगे आ रहे हैं।

गांव-गांव पहुंचेगा जागरूकता अभियान
कार्यक्रम में सघन सूचना, शिक्षा एवं संचार अभियान के तीसरे चरण का शुभारंभ किया गया। इसके तहत गांव-गांव जाकर एचआईवी से बचाव, जांच और उपचार की जानकारी दी जाएगी। स्कूलों, महाविद्यालयों, आईटीआई, ग्राम सभाओं, झुग्गी-बस्तियों और संवेदनशील क्षेत्रों में जागरूकता गतिविधियां आयोजित होंगी। रेड रिबन क्लब, फ्लैश मोब, रेड रन और लोक सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए भी संदेश पहुंचाया जाएगा।

‘स्वच्छ हिमाचल-स्वस्थ हिमाचल’ का संदेश
डॉ. शांडिल ने कार-बिन बैग अभियान के तीसरे चरण का भी शुभारंभ किया। पिछले चरण में 10,255 कार-बिन बैग वितरित किए गए थे। इस बार भी वाहनों के माध्यम से एचआईवी जागरूकता के साथ स्वच्छता का संदेश प्रसारित किया जाएगा।
विधायक हरीश जनारथा ने कहा कि एचआईवी के खिलाफ लड़ाई केवल वायरस से नहीं, बल्कि अज्ञानता, डर, भ्रांतियों और भेदभाव से भी है। कार्यक्रम में संजौली कॉलेज के विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटक, चूढ़ेश्वर मंडल के कलाकारों ने लोकगीत और आरकेएमवी की छात्राओं ने रंगोली के माध्यम से जागरूकता संदेश दिया। विभिन्न संस्थानों और स्वयं सहायता समूहों के प्रतिनिधियों को सम्मानित किया गया तथा मेडिकल कैंप भी लगाया गया।