
शिमला
हिमाचल प्रदेश के निर्माता एवं प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री डॉ. यशवंत सिंह परमार की जयंती के अवसर पर मंगलवार को शिमला स्थित गेयटी थिएटर में भाषा, कला एवं संस्कृति विभाग, हिमाचल प्रदेश तथा राजीव गांधी राजकीय महाविद्यालय, शिमला के संयुक्त तत्वावधान में गरिमामय समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्रख्यात विद्वान प्रो. लक्ष्मण एस. ठाकुर द्वारा संपादित पुस्तक “Nurturing the Idea of Himachal Pradesh: Collected Works of Dr. Yashwant Singh Parmar (1952–1977)” का लोकार्पण किया गया तथा इसके उपरांत विषय पर एक विचार-गोष्ठी आयोजित की गई।
समारोह के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री एवं शिक्षा विभाग के सचिव श्री राकेश कंवर रहे। विचार-गोष्ठी में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग के पूर्व प्रोफेसर प्रो. चेतन सिंह, सचिव (निगम) श्री सुदेश मोक्टा (भा.प्र.अ.) तथा नगर निगम शिमला के पूर्व उपमहापौर श्री टिकेंदर पंवर ने विशिष्ट वक्ता के रूप में अपने विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने डॉ. परमार के दूरदर्शी नेतृत्व, हिमाचल प्रदेश के निर्माण में उनके ऐतिहासिक योगदान तथा उनके विचारों की समकालीन प्रासंगिकता पर विस्तार से प्रकाश डाला।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि एवं अन्य विशिष्ट अतिथियों के पारंपरिक सम्मान तथा दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद राजीव गांधी राजकीय महाविद्यालय, शिमला के प्राचार्य डॉ. गोपाल चौहान ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए समारोह की रूपरेखा प्रस्तुत की और डॉ. परमार के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी शिमला श्री ज्ञान सागर नेगी, भाषा एवं संस्कृति विभाग के अतिरिक्त निदेशक श्री चंदन कपूर, भाषा विभाग के उपनिदेशक श्री सुरेश राणा, अनुभाग अधिकारी श्री उमेश जम्वाल, जिला भाषा अधिकारी शिमला श्रीमती सरोजना नरवाल, गेयटी थिएटर के प्रबंधक श्री दलीप शर्मा सहित बड़ी संख्या में शिक्षाविद्, शोधार्थी, विद्यार्थी एवं बुद्धिजीवी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में पुस्तक के संपादन, डॉ. परमार के लेखन और हिमाचल प्रदेश की वैचारिक एवं सांस्कृतिक पहचान के निर्माण में उनके योगदान पर सार्थक चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि यह पुस्तक शोधार्थियों, विद्यार्थियों तथा हिमाचल के इतिहास और विकास को समझने वाले सभी पाठकों के लिए एक महत्वपूर्ण संदर्भ ग्रंथ सिद्ध होगी।