आपदा से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए डीडीएमए की मॉक ड्रिल, छह सदस्यीय टीम ने किया त्वरित बचाव

रियल न्यूज इंडिया टुडे, शिमला

जाखू रोपवे में अचानक तकनीकी खराबी के चलते दो पर्यटकों के फंसने की सूचना मिलते ही बचाव दल सक्रिय हो गया। कुछ ही देर में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की छह सदस्यीय टीम ने करीब 200 मीटर दूर रोपवे ट्रॉली में फंसे दोनों पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। हालांकि यह वास्तविक हादसा नहीं, बल्कि जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) की ओर से आयोजित व्यापक मॉक ड्रिल थी। इसका उद्देश्य रोपवे में आपात स्थिति के दौरान बचाव और निकासी व्यवस्था को परखना था।

जिला राजस्व अधिकारी शिवानी भारद्वाज की अध्यक्षता में आयोजित इस अभ्यास में NDRF, लोक निर्माण विभाग, स्वास्थ्य विभाग सहित विभिन्न विभागों और आपातकालीन प्रतिक्रिया एजेंसियों ने भाग लिया। मॉक ड्रिल में ऐसी आपात स्थिति तैयार की गई, जिसमें रोपवे बीच में रुकने के कारण दो पर्यटकों के ट्रॉली में फंसे होने की सूचना दी गई।

सूचना मिलते ही NDRF टीम ने मौके पर पहुंचकर निर्धारित बचाव प्रक्रिया के तहत दोनों पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकाला। इस दौरान टीमों के बीच संचार, समन्वय और त्वरित प्रतिक्रिया की क्षमता को भी परखा गया।

जिला राजस्व अधिकारी शिवानी भारद्वाज ने कहा कि अभ्यास का उद्देश्य आपात स्थिति में सभी संबंधित एजेंसियों की तैयारियों और प्रतिक्रिया तंत्र का आकलन करना है। ऐसे अभ्यासों से कमियों की पहचान करने के साथ मानक संचालन प्रक्रियाओं को और प्रभावी बनाने में मदद मिलती है। साथ ही संबंधित कर्मियों को उनकी भूमिकाओं और जिम्मेदारियों का व्यावहारिक प्रशिक्षण मिलता है।

जाखू रोपवे के प्रबंधक मदन शर्मा ने बताया कि रोपवे की संचालन व्यवस्था बिजली के साथ जेनसेट से भी जुड़ी है। बिजली आपूर्ति बाधित होने पर सिस्टम स्वतः जेनसेट पर शिफ्ट हो जाता है।

उन्होंने बताया कि एहतियाती तैयारियों के तहत जाखू रोपवे पर वर्ष में दो बार इस तरह की मॉक ड्रिल आयोजित की जाती है। अभ्यास में डिप्टी कमांडेंट एवं NDRF टीम प्रभारी संजीव कुमार, इंस्पेक्टर संदीप कुमार सहित DDMA और जिला प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे।

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