नशे के कारोबार की आर्थिक रीढ़ तोड़ने की दिशा में बड़ी कार्रवाई, 2026 में 15 मामलों में 12.52 करोड़ से अधिक की संपत्ति जब्त
रियल न्यूज इंडिया टुडे,

शिमला। नशा तस्करी के खिलाफ शिमला पुलिस ने कार्रवाई का दायरा बढ़ाते हुए अब तस्करों की संपत्तियों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। पुलिस ने एक एनडीपीएस मामले में आरोपियों और उनके सहयोगियों की करीब 4 करोड़ 13 लाख रुपये की 20 चल-अचल संपत्तियां जब्त करने की कार्रवाई की है। वित्तीय जांच में इन संपत्तियों के नशे के अवैध कारोबार से अर्जित धन से खरीदे जाने की बात सामने आने के बाद एनडीपीएस एक्ट के प्रावधानों के तहत यह कार्रवाई की गई।

मामला पुलिस थाना सदर शिमला में दर्ज अभियोग संख्या 107, दिनांक 14 अगस्त 2024 से संबंधित है। 13 अगस्त 2024 को पुराना बस स्टैंड शिमला स्थित एक होटल से सूरज निवासी लखीसराय, बिहार, हाल दक्षिण दिल्ली और रोहित पांडे निवासी आरा, बिहार, हाल दक्षिण दिल्ली के कब्जे से करीब 6.5 ग्राम हेरोइन/चिट्टा बरामद किया गया था। मामले की आगे की जांच में बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज के आधार पर अन्य आरोपियों की गिरफ्तारियां भी की गईं।

19 लोगों की संपत्तियां जांच के दायरे में

वर्ष 2026 में पुलिस ने मामले में वित्तीय जांच शुरू की। जांच के दौरान नौ आरोपियों और उनके 10 एसोसिएट्स/सहयोगियों, यानी कुल 19 व्यक्तियों के नाम पर दर्ज चल-अचल संपत्तियों की पहचान की गई। इनमें दो रेजिडेंशियल लैंड प्लॉट, दो आवासीय भवन, एक अपार्टमेंट, एक होम-स्टे के अलावा महिंद्रा थार, हुंडई क्रेटा, मारुति सुजुकी ग्रैंड विटारा और टाटा नेक्सन सहित अन्य वाहन शामिल हैं। इन कुल 20 संपत्तियों का अनुमानित मूल्य 4.13 करोड़ रुपये आंका गया है।

पुलिस के अनुसार वित्तीय जांच में इन संपत्तियों के संबंध में आरोपियों और उनके सहयोगियों की कोई ज्ञात एवं वैध आय का पर्याप्त स्रोत सामने नहीं आया। उपलब्ध वित्तीय और संपत्ति संबंधी तथ्यों की जांच के आधार पर इन्हें Drug Proceeds यानी नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार से अर्जित धन से जुड़ी संपत्तियां पाया गया। इसके बाद इन्हें एनडीपीएस एक्ट के तहत जब्त करने की कार्रवाई की गई।

2026 में 12.52 करोड़ से अधिक की संपत्ति जब्त

शिमला पुलिस के अनुसार वर्ष 2026 में अब तक 15 एनडीपीएस मामलों में 68 आरोपियों और उनके एसोसिएट्स से जुड़ी 12.52 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की संपत्तियां जब्त की जा चुकी हैं। इनमें रेजिडेंशियल और कमर्शियल लैंड प्लॉट, आवासीय अपार्टमेंट, कमर्शियल दुकानें, लग्जरी व कमर्शियल वाहन, बैंक डिपॉजिट, नकदी और सोने के आभूषण शामिल हैं।

पुलिस का कहना है कि वर्ष 2024 और 2025 में इस प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं की गई थी। अब नशा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई को केवल नशे की बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित न रखते हुए तस्करी से अर्जित धन और संपत्तियों तक विस्तार दिया जा रहा है। पुलिस का उद्देश्य नशे के अवैध कारोबार की आर्थिक नींव को कमजोर करना और तस्करों के वित्तीय नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई करना है।

2 Responses

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *