70 एकड़ भूमि और 300 करोड़ की हिस्सेदारी के साथ प्रदेश सरकार ने केंद्र को भेजा प्रस्ताव
रियल न्यूज इंडिया टुडे, शिमला

हिमाचल प्रदेश में आयुर्वेद को आधुनिक स्वास्थ्य और वेलनेस व्यवस्था से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाने की तैयारी है। प्रदेश सरकार ने हमीरपुर जिले के नादौन क्षेत्र के धनैटा में करीब 1,000 करोड़ रुपये की लागत से अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIA) स्थापित करने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा है। सरकार ने संस्थान के लिए करीब 70 एकड़ भूमि और लगभग 300 करोड़ रुपये की अपनी हिस्सेदारी देने की प्रतिबद्धता पूरी कर दी है।

11वें राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस पर ऐतिहासिक गेयटी थियेटर में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह की अध्यक्षता करते हुए आयुष मंत्री यादविंद्र गोमा ने कहा कि केंद्र से प्रस्ताव स्वीकृत होने के बाद हिमाचल में आयुर्वेद शिक्षा, अनुसंधान और विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा मिलेगी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा AIIA की स्थापना के लिए आमंत्रित प्रस्तावों में हिमाचल शीर्ष पांच प्रस्तावित राज्यों में शामिल है।
मंत्री ने कहा कि सरकार आयुष को प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था का महत्वपूर्ण घटक बनाने के साथ-साथ हिमाचल को आयुष आधारित वेलनेस और पर्यटन का केंद्र बनाने की दिशा में काम कर रही है। वर्ष 2026-27 के बजट में आयुष क्षेत्र के लिए 379 करोड़ रुपये, जबकि राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत 60 करोड़ रुपये उपलब्ध करवाए गए हैं।

1,241 संस्थानों का नेटवर्क, 36.94 लाख पहुंची आयुष ओपीडी
प्रदेश में करीब 1,241 आयुष संस्थानों का नेटवर्क कार्यरत है। आयुष सचिव ए. शैनामोल ने बताया कि आयुष ओपीडी में मरीजों की संख्या 2021-22 के 25.30 लाख से बढ़कर 2025-26 में 36.94 लाख हो गई। इसी अवधि में आयुर्वेदिक अस्पतालों में भर्ती मरीजों की संख्या भी 3.56 लाख से बढ़कर 6.74 लाख हुई है। वहीं, 123 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों को NABH मान्यता मिल चुकी है।

250 युवाओं को पंचकर्म का प्रशिक्षण
आयुष मंत्री ने कहा कि युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए 14 आयुर्वेदिक अस्पतालों में एक वर्षीय पंचकर्म तकनीशियन प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाया जा रहा है, जिसमें करीब 250 युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। पंचकर्म, मर्म चिकित्सा, अग्निकर्म, क्षारसूत्र और जलौका चिकित्सा जैसी विशिष्ट सेवाओं का भी विस्तार किया जा रहा है।

रिज पर आयुर्वेद की ‘लाइव क्लास’
राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के अवसर पर रिज मैदान पर 23 से 25 सितंबर तक तीन दिवसीय प्रदर्शनी लगाई गई है। यहां मर्म चिकित्सा, अग्निकर्म, रक्तमोक्षण, नाड़ी व प्रकृति परीक्षण, पंचकर्म, योग, आयुर्वेदिक आहार-विहार, हिमोशधाम, हर्बल गार्डन और औषधीय पौधों को प्रदर्शित किया गया है। आम लोग विशेषज्ञों से संवाद कर आयुर्वेद की विभिन्न विधाओं और स्वस्थ जीवनशैली के बारे में जानकारी ले सकते हैं।

समारोह में हिमोशधाम वेलनेस पैक और आयुष विभाग की नई वेबसाइट का शुभारंभ किया गया। स्मारिका का विमोचन, विभाग की उपलब्धियों पर डॉक्यूमेंट्री प्रदर्शन तथा किसानों और आयुष उद्योग प्रतिनिधियों के बीच एमओयू भी हुए। NABH मान्यता प्राप्त आयुष्मान आरोग्य मंदिरों, नर्सरी संचालकों और प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया गया।

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