रियल न्यूज इंडिया टुडे, शिमला
हिमाचल प्रदेश में संगीत विषय से उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे एवं कर चुके अभ्यर्थियों के प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा मंत्री से मुलाकात कर विद्यालयों में संगीत शिक्षकों की भर्ती के लिए वर्तमान पात्रता नियमों में आवश्यक बदलाव करने की मांग उठाई। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि प्रदेश में संगीत विषय के विद्यार्थियों के लिए अन्य राज्यों की तरह संगीत विषय में बीएड और अलग टीईटी की समुचित व्यवस्था उपलब्ध नहीं है। इसके बावजूद म्यूजिक टीचर के पदों के लिए बीएड अनिवार्य होने से संगीत में स्नातक एवं स्नातकोत्तर योग्यता रखने वाले कई अभ्यर्थी भर्ती प्रक्रिया से बाहर हो रहे हैं।


अभ्यर्थियों ने बताया कि सामान्य बीएड करने की स्थिति में भी विषय संयोजन की बाध्यता के कारण संगीत विषय के विद्यार्थियों को पात्रता हासिल करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि संगीत एक विशिष्ट एवं व्यावहारिक विषय है, जिसमें गायन, वादन, राग, ताल, संगीत सिद्धांत और प्रस्तुति जैसी विशेष दक्षताओं की आवश्यकता होती है। इसलिए संगीत शिक्षक की नियुक्ति में संगीत विषय की शैक्षणिक एवं व्यावहारिक योग्यता को प्राथमिक आधार बनाया जाना चाहिए।


प्रतिनिधिमंडल ने बीएड की अनिवार्यता समाप्त करने, अलग Music Teacher Cadre गठित करने तथा प्राथमिक स्तर पर PRT (Music) और विद्यालयों में Music Instructor के पद सृजित करने की मांग रखी। साथ ही संगीत विषय के लिए अलग शिक्षक प्रशिक्षण/बीएड और टीईटी व्यवस्था विकसित करने का सुझाव दिया।


प्रतिनिधिमंडल के अनुसार, शिक्षा मंत्री ने सभी बिंदुओं को ध्यानपूर्वक सुनते हुए मामले को आगामी कैबिनेट बैठक में चर्चा के लिए रखने और उचित स्तर पर विचार करने का आश्वासन दिया।

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