शिमला पुलिस की सबसे बड़ी कामयाबी
रियल न्यूज इंडिया टुडे, शिमला
हिमाचल प्रदेश को नशा मुक्त बनाने की दिशा में शिमला पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने राज्य के इतिहास में संभवतः हेरोइन (चिट्टा) की अब तक की सबसे बड़ी खेप बरामद करते हुए 1.120 किलोग्राम हाई-ग्रेड हेरोइन जब्त की है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी अनुमानित कीमत करीब छह करोड़ रुपये आंकी गई है। इस कार्रवाई के दौरान हरियाणा के एक 22 वर्षीय तस्कर को गिरफ्तार किया गया है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) मेहर पंवर ने बताया कि यह कार्रवाई 3 अगस्त को शिमला पुलिस की स्पेशल सेल द्वारा गुप्त सूचना के आधार पर चलाए गए विशेष अभियान के दौरान की गई। सूचना मिली थी कि पड़ोसी राज्य से नशे की बड़ी खेप शिमला लाई जा रही है। इसके बाद पुलिस ने शोघी बॉर्डर पर नाकाबंदी कर आरोपी विजय कुमार (22), निवासी नारायणगढ़, जिला अंबाला (हरियाणा) को गिरफ्तार किया। आरोपी तारा देवी क्षेत्र में अपने स्थानीय संपर्कों तक खेप पहुंचाने की तैयारी में था, लेकिन पुलिस ने समय रहते उसे दबोच लिया।
एएसपी मेहर पंवर ने बताया कि वर्ष 2026 में शिमला पुलिस ने नशा तस्करी के खिलाफ अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव किया है। अब पुलिस केवल छोटे मामलों तक सीमित नहीं है, बल्कि मुख्य सप्लायरों, अंतरराज्यीय नेटवर्क, वित्तीय जांच और एनडीपीएस कानून के तहत कड़ी कार्रवाई पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसी रणनीति के तहत कई बड़े नशा तस्करी गिरोहों का भंडाफोड़ किया जा चुका है।
उन्होंने बताया कि मार्च 2026 में न्यू शिमला पुलिस ने एक करोड़ रुपये मूल्य के 562 एलएसडी स्टैम्प बरामद कर केरल के मुख्य सप्लायर समेत आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इसके अलावा मार्च में आईएसबीटी शिमला से 288 ग्राम हेरोइन, अप्रैल में कुमारसैन से 11.5 किलोग्राम अफीम और 12 लाख रुपये नकद, मई में पंजाब से 309 ग्राम हेरोइन, जून में फिरोजपुर के मुख्य सप्लायर से 131 ग्राम हेरोइन व 27 ग्राम ‘आइस’ तथा जुलाई में शोघी बैरियर से 242 ग्राम हेरोइन बरामद की गई थी।
एएसपी ने बताया कि वर्ष 2026 में शिमला पुलिस अब तक चार किलोग्राम से अधिक हेरोइन, 14 किलोग्राम अफीम, 15 किलोग्राम चरस, पांच किलोग्राम से अधिक पोस्त, 11.6 ग्राम एलएसडी और लगभग 60 ग्राम मेथामफेटामाइन (आइस) बरामद कर चुकी है। इसके साथ ही 10 लाख से अधिक अवैध भांग के पौधों को भी नष्ट किया गया है। उन्होंने कहा कि 1.120 किलोग्राम हेरोइन की यह बरामदगी पुलिस की आक्रामक और परिणाम आधारित रणनीति का सबसे बड़ा उदाहरण है।