ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल के लोगों को एक चेतावनी बार बार दे रही हैं. बीजेपी से बच कर रहने की चेतावनी. ममता बनर्जी बार बार यह समझाने की कोशिश कर रही हैं कि अगर पश्चिम बंगाल के लोग बीजेपी के बहकावे में आ गए. बहकावे में आकर बीजेपी को वोट दिया, और सत्ता सौंप दी – तो, पश्चिम बंगाल में कुछ भी नहीं बचेगा, सब बर्बाद हो जाएगा.
चुनावों में सभी राजनीतिक दल एक दूसरे के खिलाफ ऐसी ही बातें बोलकर लोगों का वोट हासिल करने की कोशिश करते हैं. सभी राजनीतिक दल अपने विरोधी के बारे में जितना भी घटिया हो सकता है, समझाने की कोशिश करते हैं. ताकि लोग किसी और तरफ न खिंचे चले जाएं.
दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान भी ये सब देखने को मिला था, जब आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल लोगों को बीजेपी से डराने की कोशिश कर रहे थे. ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल में अरविंद केजरीवाल की तरह तो नहीं, लेकिन करीब करीब उसी अंदाज में समझाने की कोशिश करती हैं कि वे बीजेपी को किसी भी सूरत में वोट न दें.
मुस्लिम वोटर से ममता की अपील
ममता बनर्जी ने बीजेपी के नाम पर लोगों को डराने की शुरुआत मुस्लिम समुदाय से संवाद में की थी. पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के लिए मुस्लिम फैक्टर चुनावी राजनीति का सबसे मजबूत आधार रहा है. पश्चिम बंगाल में मुस्लिम समुदाय पूरी आबादी में करीब 27-30 फीसदी हिस्सा है – और ध्यान देने वाली बात है कि मुस्लिम वोटर पश्चिम बंगाल की करीब 100 से 120 विधानसभा सीटों पर काफी हद तक निर्णायक भूमिका निभाते हैं.
अपने मुस्लिम वोटर को आगाह करते हुए एक चुनावी रैली में ममता बनर्जी ने साफ तौर पर बोल दिया, ‘हम हैं इसलिए आप सुरक्षित हैं.’
अपनी बात समझाते हुए ममता बनर्जी कह रही थीं, अगर हम किसी दिन न रहे, तो एक सेकंड लगेगा जब एक समुदाय इकट्ठा होकर आएगा और आपको घेर लेगा… फिर एक सेकंड में 12 बजा देगा, यानी खत्म कर देगा… अगर आपको इससे बचना है, तो बीजेपी के इस दुष्प्रचार में फंसकर गलती मत करना.
रिपोर्ट के अनुसार, 2024 लोकसभा चुनाव में मुस्लिम वोटों का 73-83 फीसदी तृणमूल कांग्रेस के साथ रहा. 2019 के आम चुनाव से तुलना करें तो 13 फीसदी ज्यादा था. 2021 विधानसभा चुनाव में 112 मुस्लिम दबदबे वाली सीटों में से तृणमूल कांग्रेस को 106 विधानसभा सीटें मिली थीं.
1. लोकसभा चुनाव के दौरान विपक्षी गठबंधन INDIA ब्लॉक के बैनर तले चुनाव लड़ रही पार्टियों के नेता लोगों को समझा रहे थे कि अगर बीजेपी सत्ता में लौटी तो संविधान बदल देगी, और आरक्षण भी खत्म कर देगी. ऐसे और भी नैरेटिव के जरिए लोगों को बीजेपी के खिलाफ समझाने की कोशिश हुई. बीजेपी की तरफ से भी ऐसी कोशिशें हुईं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक चुनावी रैली में खुद कहा कि विपक्ष के लोग अगर सत्ता में आ गए, तो उनके घरों की महिलाओं को अपना मंगलसूत्र तक बेचना पड़ सकता है.
चुनाव नतीजे आए तो मालूम हुआ कि मोदी की मंगलसूत्र वाली अपील का कोई असर नहीं हुआ. बीजेपी ने ‘अबकी बार 400 पार’ का नारा दिया था, लेकिन अपने बूते बहुमत भी न ला सकी. एनडीए के सहयोगी दलों के साथ मिलकर केंद्र में सरकार बनी.
2. दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल लोगों को बार बार एक ही बात जोर देकर समझा रहे थे. अगर बीजेपी ने दिल्ली में सरकार बना ली, तो आम आदमी पार्टी की सरकार में चलाई जा रही सभी सरकारी योजनाओं को बंद कर देगी.
लेकिन एक दिन प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों से मुखातिब होकर आश्वस्त किया कि एक भी कल्याणकारी योजना बंद नहीं होगी. और, लोगों ने केजरीवाल की जगह मोदी की बात मान ली.
लोकसभा चुनाव के दौरान अमित शाह ने कहा था, ममता दीदी कहती आ रही हैं कि अगर बीजेपी सत्ता में आई तो लक्ष्मीर भंडार योजना बंद हो जाएगी. लेकिन मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि बीजेपी कोई भी योजना नहीं बंद करेगी. हावड़ा की एक रैली में अमित शाह ने आगे बढ़कर कहा, बीजेपी अगर सत्ता में आई तो उसमें 100 रुपया और जोड़ेगी ही.
और, ये बात सिर्फ मुस्लिम समुदाय के लिए नहीं है
मुस्लिम समुदाय के साथ साथ पश्चिम बंगाल के बाकी लोगों को भी ममता बनर्जी अलग अलग तरीके से एक ही बात समझाने की कोशिश कर रही हैं – हर हाल में वे बीजेपी के बहकावे में आने से बचने का प्रयास करें.
खतरा बीजेपी से ही है, लिहाजा रैली कहीं भी हो निशाने पर बीजेपी ही रहती है. ममता बनर्जी कहती हैं, वे लोग (बीजेपी वाले) खुद लूटते हैं, झूठ बोलते हैं… मैं मुख्यमंत्री के रूप में वेतन भी नहीं लेती, किसी के पैसे की चाय नहीं पीती… फिर भी मुझे चोर कहते हैं.
1. खुद को पीड़ित की तरह पेश करते हुए ममता बनर्जी लोगों से सीधे कनेक्ट होने की कोशिश करती हैं, और फिर कहती हैं, उन्होंने मुझसे सब कुछ छीन लिया है. अब मेरे पास सिर्फ जनता है. ममता बनर्जी लोगों बताती हैं कि उन्हें बीजेपी और चुनाव आयोग किसी पर भी भरोसा नहीं है.
ममता बनर्जी कहती हैं, ‘मेरे हाथ से सब पावर छीन लिया है. बीजेपी की जो इच्छा हो रही है, वो कर रही है… इस जगह का नाम पांडवेश्वर है, जो पांडवों से जुड़ी हुई जगह है… यह चुनाव भी महाभारत की ही तरह कौरवों और पांडवों की लड़ाई है.
2. SIR को भी NRC की तरह पेश करते हुए ममता बनर्जी कहती हैं, आज लोगों के मतदान का अधिकार छीना जा रहा है, कल ये लोग एनआरसी से लोगों की नागरिकता छीनेंगे. और फिर आश्वस्त करते हुए कहती हैं, जब तक मैं जीवित हूं, बंगाल में न एनआरसी का काम होगा, न डिटेंशन कैंप बनने दूंगी.
3. बीजेपी की तरफ से घुसपैठियों का मुद्दा उठाए जाने पर ममता बनर्जी का कहना होता है, जो लोग बंगाल को निशाना बनाएंगे, वे नरक में जाएंगे… प्रधानमंत्री मोदी और उनकी सरकार सबसे बड़े घुसपैठिए हैं.
और, फिर अपनी तरफ से लोगों को यकीन दिलाने की भी कोशिश करती हैं, SIR के जरिए वोटर लिस्ट से कई नाम हटा दिए गए, लेकिन हम मोदी और बीजेपी को आपके मतदान अधिकार छीनने नहीं देंगे.
4. 2021 के बंगाल विधानसभा चुनाव में कोविड का भी काफी असर रहा. याद दिलाते हुए ममता बनर्जी कहती हैं, वे लॉकडाउन लगा सकते हैं. वे लोगों को उनके घरों में बंद रखेंगे. मैंने 2021 में लॉकडाउन की स्थिति का सामना किया. मैं किसी भी स्थिति में लड़ सकती हूं.
Codwin, eh? Maybe I can crack the code to win! Sounds like a challenge. Always up for a little gamblin’ fun. See if you can crack the code here: codwin
Hey, I checked out 95vn2 a while back. Pretty solid site, nothing flashy, but it gets the job done. Good selection of games and the payouts were decent. Worth a look if you’re looking for something straightforward. Check it out here: 95vn2
Anyone else using tl88? I appreciate their quick payouts, never had any issues there. Game variety could be better but they have some popular titles. Here’s the link: tl88