नीतीश के करीबी सहयोगी और जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने संकेत दिया कि नीतीश कुमार जल्द ही विधान परिषद (MLC) की सदस्य से इस्तीफा देंगे. उधर एनडीए के अंदर भी नए मुख्यमंत्री को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं.

पटना: बिहार में नए सीएम को लेकर धीरे-धीरे राजनीतिक हलचल तेज होने लगी है. पटना में शनिवार को फ्यूचर सीएम पर पोस्टर राजनीति भी दिखी. नीतीश कुमार के बेटे निशांत को बिहार का अगला मुख्यमंत्री बनाने की मांग भी उठ रही है. जेडीयू समर्थकों ने पटना में निशांत कुमार को ‘फ्यूचर सीएम ऑफ बिहार’ बताया है. नए मुख्यमंत्री के नाम की चर्चाओं के बीच नीतीश कुमार के सीएम के पद से इस्तीफे को लेकर जानकारी सामने आई है. मुख्यमंत्री आवास से जुड़े सूत्रों के अनुसार, नीतीश कुमार 13 अप्रैल के बाद कभी भी सीएम पद छोड़ सकते हैं. 

30 मार्च को एमएलसी पद से देंगे इस्तीफा

नियम के अनुसार, राज्यसभा सदस्य चुने जाने के 14 दिनों के भीतर राज्य विधानमंडल से इस्तीफा देना होता है. ऐसे में नीतीश कुमार 30 मार्च को एमएलसी पद छोड़ेंगे. उसके बाद वह 10 अप्रैल को नितिन नवीन के साथ राज्यसभा सांसद के तौर पर शपथ लेंगे. इसके अलावा इसी दिन शिवेश राम, रामनाथ ठाकुर और उपेंद्र कुशवाहा भी राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेंगे. 

इससे पहले शुक्रवार को नीतीश के करीबी सहयोगी और जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने संकेत दिया कि नीतीश कुमार जल्द ही विधान परिषद (MLC) की सदस्य से इस्तीफा देंगे. हालांकि, जद(यू) के कुछ नेताओं का मानना है कि बिहार में नेतृत्व परिवर्तन फिलहाल टल सकता है, क्योंकि नियमों के तहत कोई व्यक्ति बिना विधानसभा या विधान परिषद का सदस्य हुए भी अधिकतम छह महीने तक मुख्यमंत्री पद पर बना रह सकता है. 

NDA में नए सीएम को लेकर चर्चा तेज

उधर एनडीए के अंदर भी नए मुख्यमंत्री को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं, हालांकि भाजपा या जदयू की ओर से अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है. इस बीच, बिहार विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार का नागपुर दौरा भी राजनीतिक अटकलों को और बढ़ा रहा है, क्योंकि वहां राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का मुख्यालय है. कुल मिलाकर, बिहार की राजनीति इस समय एक बड़े बदलाव के दौर से गुजरती दिख रही है.

जदयू में उत्तराधिकार को लेकर चर्चा, भाजपा के अंदर विचार-विमर्श और विपक्ष की रणनीति सब एक साथ चल रहे हैं. अब जदयू के अंदर भी यह मांग तेज होती जा रही है कि निशांत कुमार को बड़ी जिम्मेदारी दी जाए, यहां तक कि उन्हें अगला मुख्यमंत्री बनाया जाए. अनंत सिंह के समर्थन के बाद इस मांग को और मजबूती मिली है, जिससे यह संकेत मिलता है कि बिहार में नेतृत्व की नई पीढ़ी सामने आ सकती है. 

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